हसपुरा (औरंगाबाद): बिहार के औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र के गांव से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जो प्रशासन की नींद उड़ा रखी है, जानकारी के अनुसार गुरुवार को एक साथ पांच बच्चियों ने जहर खा लिया जिनमें चार की मौत हो गई, घटना हुई तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली है, गांव वालों की छुपी ने रहस्य को और उलझा दिया है.
पुलिस जांच और अधिकारियों का दौरा
मगध प्रक्षेत्र के आईजी छत्रनील सिंह, एसपी अंबरीष राहुल और दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने दलबल के साथ गांव का दौरा किया, सभी अधिकारियों ने घंटे तक पूछताछ करने के बाद कोई सबूत जुटाना की कोशिश की लेकिन हकीकत अभी भी अंधेरे में गुम है.
जांच के दौरान सामने आई चौंकाने वाली बातें:
- पुरुषों का पलायन: घटना के बाद जब पुलिस जांच पड़ताल के लिएहसपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अमझरशरीफ गांव में गई जहां पर यह घटना हुई थी, 25 घर के इस छोटे से गांव मेंएक भी पुरुष सामने नहीं आए, वहां सिर्फ महिलाएं ही मौजूद थे, पूरे गांव में एक भी पुरुष का ना होना शक और भी गहरा कर देता है.
- श्मशान में एक ही चिता: पुलिस की टीम जब जांच के दौरान गांव के शमशान घाट पहुंची तो वहां पर एक ही चिता जलने के अवशेष मिले पुलिस का शक और भी गहरा हो गया कि अगर चार की मौत हुई है तो बाकी तीन का अंतिम संस्कार कहां और कैसे किया गया है?
- पीड़ित परिवार लापता: जिस बच्ची को जीवित होने की बात कही जा रही हैउसके पिता और परिजन भी गांव से गायब है.
पूरे गांव में डर का माहौल बन चुका है ऐसा लग रहा है जैसे वहां के ग्रामीणों को किसी ने बुरी तरह डराया धमकाया है या गांव में किसी बात का गहरा दहशत है.
क्या यह किसी साजिश का हिस्सा है?
पुलिस की बड़ी टीम जाने के बावजूद भी सबूत का कोई भी सच नहीं मिलना, यह घटना को किसी और दिशा की तरफ ले जा रहा है, 25 घर के इस गांव में एक भी पुरुष की मौजूदगी ना होना, पीड़ित का परिवार की भी गैर मौजूदगी होना ऐसा लग रहा है जैसे यह घटना नहीं एक सूची समझी बड़ी साजिश है हालांकि पुलिस इस उलझी पहेली को सुलझाने की कोशिश कर रही है.
