बिहार के औरंगाबाद जिले से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर कुटुंबा प्रखंड में परता गांव में एक ऐसा पेड़ है जो आपकी मनोकामनाओं को पूरा कर सकता है लोग यहां पर आते हैं और अपना मन्नत मांगते हैं और पूरी होने पर इस पेड़ के जल जड़ में दूध का चढ़ावा करते हैं, इस पेड़ की वजह से इस जगह को कल्पवृक्ष धाम भी कहते हैं.
यह पेड़ नहीं बढ़ता है और ना ही सूखता है
गांव वाले का कहना है कि यह पेड़ नहीं तो बढ़ता है और ना ही सूखता है यह पेड़ कई वर्षों से ऐसे ही विशाल रूप में खड़ा है साथी गांव वाले कहते हैं कि जब देवताओं और दोनों में समुद्र मंथन हुआ था तो 14 रत्न निकले थे जिसमें से एक था कल्पवृक्ष यहां के लोगों का कहना है कि ऐसा पेड़ आपको और कहीं नहीं देखने को मिलेगा इस पेड़ को भगवान कृष्ण से अपने हाथों से इस स्थान पर लगाए थे और यह आज भी वैसे ही हरा भरा और विशाल है गांव के लोग इस जगह को ठाकुरबाड़ी के नाम से भी पुकारते हैं.